मैंने नया रूटीन बनाया: सुबह टहलना। पहले दिन निकला… फिर सोचा, ‘क्यों न दूध भी ले आऊँ।’ अब मैं फिटनेस नहीं, किराने का डिलिवरी बॉय बन गया हूँ।