मैंने नया पौधा लगाया। हर रोज़ पानी देता हूँ, प्यार से बात भी करता हूँ। पौधा बढ़ नहीं रहा… शायद उसे भी मेरे जैसे ‘मोटिवेशन’ की नहीं, ‘धूप’ की ज़रूरत है।